• deepajoshidhawan 9w

    बाल दिवस की शुभकामनाएं
    #happychildrensday

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    बचपन

    याद बहुत आती हैं अब भी
    बचपन की वो बातें
    मीठी मीठी लोरी के संग माँ
    उँगली से सिर सहलाते

    वो कागज की कश्ती वाली
    रिमझिम सी बरसातें
    खेल कूद में गुजरे दिन और
    बेफिक्र नींद की रातें

    छत पर चढ़ अपनी पतंग के
    हम सब थे पेंच लड़ाते
    नानी के घर की अमराई में
    ऊंची सी पींग बढ़ाते

    भरी दुपहरी छुप भइया की
    कैंची साइकिल चलाते
    अलग अलग गुड्डे गुड़िया की
    शादी थे खूब रचाते

    दादाजी से पा कर अठन्नी
    तब फूले नहीं समाते
    शैतानी कर भाग के घर
    माँ के पीछे छुप जाते

    चोट जरा सी लगती थी पर
    घर को सिर पे उठाते
    दादा दादी सारा दिन फिर
    प्यार से थे बहलाते

    छूट गये जो दिन पीछे वो
    सपनों में अब आते
    काश कभी कुछ देर को ही
    बचपन में जा पाते
    ©deepajoshidhawan