• akshat_pratap_negi 107w

    हां ठीक है

    हां ठीक है मैं आज खामोश रह लेता हूं,
    हां ठीक है बेगुनाह होकर भी सारे इल्जाम सह लेता हूं।।

    हां ठीक है बस आसुओं से दास्तान ए बेगुनाही कह लेता हूं,
    हां ठीक है बस मुस्कुरा कर सारे सितम सह लेता हूं ।।

    हां ठीक है सब जानते हुए भी तुम्हें सही कह देता हूं,
    हां ठीक है मैं आज गुनेगार रह लेता हूं।।

    ©akshat_pratap_negi