• bal_ram_pandey 60w

    ज़हर दिल में लबों पर दुआ कैसे
    ज़ुबां में कांटे हाथों में दवा कैसे

    न तुम किराएदार न वफादार मेरे
    मकां ए दिल में रहते हो भला कैसे

    मुझसे न कर इतना प्यार ए जिंदगी
    निभा पाऊंगा तुझसे मैं वफ़ा कैसे

    फुरकत के लम्हे और मुस्कुराना तेरा
    दे रहे हो मुझको यह सजा कैसे

    मेरे चेहरे में कोई और नज़र आया
    आईना हो कर दे रहे हो दगा कैसे

    ©bal_ram_pandey