• digvijay_mishra0406 131w

    मीलों दूर हूँ तुमसे
    पर,फिर भी लिखता "तेरे" लिये ही हूँ..!!

    रात के अंधेरे में उड़ा देता हूँ इन पन्नो को
    इस ख़्वाईश में कि,
    सुबह ये तेरे आंगन में इन दुरियों का एहसास करा दें..!!

    ©digvijay_mishra0406