• the_amour 81w

    बादलों की छाँव में
    फ़िज़ाओं का पहरा हो
    बारिश की बूंदोंसे
    उठता धुआँ हो
    वक़्त ठहर जाए
    मैं तेरी बाँहों में छुप जाऊं
    ये सिलसिला मोहब्बत का
    मुसलसल ज़ारी हो |

    ©the_amour