• abhi_mishra_ 19w

    कुर्बत - closeness

    #hindi #hindiwriters #abhimishra #Fictional

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    ये बात इक बरस की, अब बता रहा हूँ मैं,
    वो गया नहीं ये कहकर, कि जा रहा हूँ मैं।

    बताता गर निगाहों से, निगाहें फेर लेता मैं,
    ये बात कह कह कर ख़ुद को, जता रहा हूँ मैं।

    होते तुम तो शायद ख़ुद से भी मैं प्यार कर लेता,
    तुम्हारे बिन तो बस ख़ुद को जैसे सता रहा हूँ मैं।

    तुम्हारे संग शायद कुर्बतों पर गीत मैं लिखता,
    तुम्हारे बिन उदासी की ही गज़लें गा रहा हूँ मैं।

    जो बादल है, जो पानी है, ये मेरी ही कहानी है,
    कि बहता जा रहा हूँ मैं, बरसता जा रहा हूँ मैं।

    ©abhi_mishra_