• bal_ram_pandey 60w

    हुलसित चेहरा
    झुलसित मन

    बोझिल सपने
    निष्प्राण तन

    पीली पाती
    सूखा वन

    गुंजित सांसे
    ठिठका‌ जीवन

    बुझे दीप
    हंसता ‌‌ तम

    अनचिन्हित मग
    कैसा ‌ श्रम

    वंचित भाग्य
    संचित यौवन

    कंटक पथ
    सुवासित उपवन

    जन्म मरण
    अनूठा बंधन

    हे प्राणसखे
    तव शरणम्

    ©bal_ram_pandey