• mr_x___ 27w

    आह!!

    पैरों के बीच, यौवन रस से लतपत, उत्तेजना से भरपूर उस गुलाबी अंग से खेलती मेरी उंगलियां।
    उसकी सिसकियों से गूंजता शयनकक्ष, एक ज्वालामुखी को आमंत्रण दे रहा है।

    वो मेरे लिंग को अपनी हथेली में समेटे, उत्तेजना को बढ़ाती हुई।



    एक असीम आनंद और चरम सुख की ओर बढ़ते हम दोनो।