• _aryan_shekhawat 54w

    मैं चाहता हूँ....
    कई महीनो बाद,
    तुम एक रोज़ मुझे Call करो,
    और वो Call, Receive ही न की जाये...
    फिर तुम एक और कोशिश करो,
    Call करने की,
    और फिर Receive न हो...
    फिर एक अरसे बाद,
    तुम्हे थोड़ी फ़िक्र हो,
    तुम Message करो मुझे...
    वो Messages
    जिसका कोई भी जवाब
    अब कभी नहीं आएगा...
    फिर तुम सच में
    थोडे और परेशान हो जाओ...
    तुम सोचो मेरे बारे में,
    मेरी हर बात,
    मेरी आवाज़,मेरा चेहरा...
    तुम्हारे लिए मेरी फ़िक्र..
    मेरे साथ बिताया हर एक लम्हा..
    फिर तुम मुझे एक और Call करो,
    और फिर कोई Response न मिले,
    तुम फिर मुझे Message करो,
    जिसका कोई जवाब न मिले..
    तुम अचानक बहुत बेचैन हो जाओ,
    तुम्हें सब कुछ याद आता रहे,
    तुम लगातार मेरे बारे में सोचो...
    तुम्हे सब कुछ याद आये..
    सब कुछ...
    और एक दिन जब तुम्हें नींद न आये..
    बस मेरी याद आये...
    तुम मुझे Social Media पर ढूँढो..
    फिर Message करो..
    फिर Call करो..
    फिर कोई जवाब न मिले..
    तब तुम Phone Gallery खोलकर..
    मेरी तस्वीरें देखो...
    तुम्हे गुस्सा आये,
    चीढ हो, तुम्हे रोना आये..
    तुम्हें एहसास हो
    कि मैं किस हाल में रह रहा हूँ..?
    परेशान होना क्या होता है..?
    टूट जाना क्या होता है...?
    फिर कुछ अच्छा ही नहीं लगेगा..
    तब तुम हर जगह मुझे ही ढूँढो,
    बस एक आखिरी बार मुझे देखना चाहो,
    मुझे सुनना चाहो..
    मेरे सीने से लगना चाहो,
    मुझसे लिपटकर रोना चाहो..
    तुम पागल हो जाओ
    उस प्यार के लिए,
    जो सिर्फ और सिर्फ
    मुझसे मिल सकता था..
    और उस हाल में,
    तुम्हे सुनने वाला
    तुम्हारे माथे को चूमने वाला,
    तुम्हे सीने से लगाने वाला...
    "मैं"...
    कहीं दूर..
    किसी शहर में...
    अपने कमरे में...
    आधी रात को,,
    वो हर एक Message पढ़कर,
    तुम्हे याद करूँ...
    फिर वो Message, Delete कर दूँ..
    उसका कभी कोई जवाब नहीं आएगा..
    तुम महसूस करो दिल का टूटना,
    अकेलेपन में रोना..
    किसी से कुछ न कह पाने की बेबसी..
    सारे काम ज़बरदस्ती लगने लगे,
    बस हर वक़्त किसी नशे की ज़रूरत लगे,
    नींद की गोलियां भी
    किसी काम की न रह जाएं..
    हर वक़्त..
    सोते जागते,मुझे याद करो..
    बस मैं ही हर वक़्त
    तुम्हारे दिमाग में रहूँ...
    उस वक़्त...
    जब ये सब हो..
    शायद तुम्हे समझ आये..
    कि तुम कितने गलत थे...
    तुमने क्या किया..
    और तुम्हे क्या मिला था..
    और तुमने क्या खो दिया...
    तब तुम्हें समझ आएगा...
    मैं किस हाल में था...
    मैं ये सब चाहता हूँ..
    हाँ..सच में..आर्यन
    ©_aryan_shekhawat