• discreetliterature 8w

    ढूंढ

    बिछड़े हुऐ मेरी पेहेचान को
    जोड़ने कि कोशिश करता हूं खुदसे,

    इनकार कर देती है नई पहचान,
    पूरानी से मिलाप करने के लिये,

    और समझौता करता रहता हूं,
    अपने आप को छोड़कर, उन दोनों के बीच,

    सोचता हूँ, मैं पुरानी पहचान हूँ या नई,
    या वो जो समझौता करा रहा हैं,

    में आज भी ऐसे ख़यालो में खो कर
    खुदको ढूंढ़ने की कोशिश में ।