• anshulaftaab 19w

    सीखूँगी, समझूँगी, लड़खड़ाऊँगी,

    हो सकता है गिर भी जाऊ...

    फ़िर भी संभल जाऊँगी...

    झाड़ पोंछ के फिर से उठ खड़ी होंगीं...

    पहले से ज्यादा हिम्मत के साथ...

    पहले से ज्यादा जोश के साथ...

    "अंशुल"

    @anshul