• neelthefeel 54w

    दिल ढूंढता हैं...

    वो वादे, वो यादें, क़ुछ अनकही क़ुछ अनसुनी वो फरियादें.
    मैं सब कुछ तो नहीं जानता हूँ. ये वक़्त जो भी करेगा. ये जन्म हमेशा
    मेरे साथ रहेगा. पर यादों के धागे कायनात के लम्हो क़ि तरहा होते हैं.
    मैं हमेशा उन लम्हो को चुनूंगा. मैं हर शाम तारो के पार तुझे सुनूंगा.

    ये जिस्म ख़तम होता हैं तो कोई बोहोत रोता हैं.
    पता नहीं क्या कमाया हैं. जो ये दिल बार-बार
    पूरानी भूली बिसरी यादों में खोता हैं.

    मुझे खुदसे क़ुछ नहीं चाहिए, मुझे मांगने क़ि वजह ना दें.
    मेरे ख्वाब मुझ को जला ना दें. मुझे बार-बार सता रहे
    क्यों हक़ ये मुझ पे जता रहे. मेरे अश्क़ मुझ को सता रहे
    मैं कौन हूँ हैं बता रहे.

    वो क्या हैं मेरे लिए मे जानता हूँ. बेखबर हैं वो.
    मे नहीं केह पाया उनसे ये बात के दिल का टूटना
    और अपनों का रूठना ये तो जिंदगी का सिला हैं.
    बस आप खुश रहना बाकि जिंदगी से हमें क्या गिला हैं.

    मैं कैसे रोकता उन्हें, वो रो देते.
    हम भी मासूम हैं बोहोत. उन लम्हो मे कही खुद को खो देते.
    चंद लम्हो मे बोहोत क़ुछ होता रहा, दिल ही दिल मे रोता रहा.

    मोहब्बत फर्ज़ यार और वफ़ा
    बस एक बार मिले तो ही जायाज़ लगता हैं.
    वरना वैसे तो हर रिश्ता नाज़ायज़ लगता है.

    मोहब्बत फर्ज़ यार और वफ़ा
    बस एक बार मिले तो ही जायज़ लगता हैं.
    वरना वैसे तो हर रिश्ता नाजायज़ लगता हैं.

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