• abhi_mishra_ 18w

    तुम्हारे खयालों में रहना तुम्हारे साथ रहने से बेहतर है।

    खयालों में तुम वो सब बोलती हो जो मैं तुमसे सुनने को तरसता हूँ, ख्वाबों में तुम मुझे मनाती हो, और मैं मनाता हूँ तो मान भी जाती हो।

    तुम पास बैठकर सुनती हो जो मैं कहना चाहता हूँ, हर बात पर मुस्कुराकर सर हिला देती हो, तुम चाहती हो कि मैं और कहूँ, वो सब कह दूँ जो आजतक मैं किसी से नहीं कह पाया, वो सब जो तुम्हारे लिए बचा कर रखा था।

    ख़्वाब में तुम्हारा पूरा खाली वक्त मेरा होता है।

    तुम्हारी आवाज़ सुनने को महिनों इंतज़ार करना होता है, खयालों में हर दिन ख़त्म होने पर तुम दिन का हाल सुनाती हो।

    जो सूरत देखने को सालों तरसता हूँ, खयालों में हर रोज़ सामने होती है।
    मैं देखता रहता हूँ, तुम मुस्कुराती रहती हो।

    जाने क्यों लेकिन हर रोज़ बरसात होती है, ख़्वाबों में कोई और मौसम नहीं आता, खयालों में वो बारिश की बूंदें होती हैं और असलियत में शायद आँखों के मोती।

    तुम्हारा हँसना, मुस्कुराना, मनाना, मान जाना, हक़ जताना, बातें बताना शायद ख्वाबों और खयालों में ही मुमकिन है।

    मुझे समझ नहीं आता मुझे तुमसे प्यार है या तुम्हारे ख्वाबों और खयालों से जो मैंने बुने हैं।

    शायद तुम वैसी हो भी नहीं जैसा मैंने तुम्हें खयालों में बना रखा है, शायद मैं दो लोगों से प्यार करता हूँ।

    एक तुम जो असलियत में हो, प्रैक्टिकल और समझदार और एक जो खयालों में है, जिसमें मेरे लिए उतना ही पागलपन है जितना मेरे अंदर।

    शायद इसी वजह से खीझ जाती हो मुझसे, मैं खयालों में खूबसूरत लम्हें सोचकर तुमसे भी वही अपेक्षा करता हूँ।
    तो इस मनमुटाव की जड़ भी मैं ही हूँ।

    यह एक ऐसा प्रेम त्रिकोण है जिसके बारे में जितना सोचता हूँ उतना डूबता हूँ और शायद ही कभी मैं तुम्हें समझा भी पाऊंगा।

    काश मैं तुम्हें समझा पाऊँ वह लम्हें, और हम तीनों मिल पाएं किसी शाम और साथ मुस्कुराएं इन बचकानी बातों पर।

    तुम थोड़ा वक्त बचाकर लाना, मैं ले आऊँगा तुम्हें...



    #hindi #hindiwriters #abhimishra

    Read More



    इक शख़्स से दो इश्क़ ऐसे निभा रहा हूँ मैं,
    उससे मिलकर, उस ही से मिलने जा रहा हूँ मैं।

    ©abhi_mishra_