• mrig_trishna_ 5w

    हम इश्क़ के मारे तो तृष्णा
    ख़ुद ही डूब मर जाते है
    बस दो ही निग़ाहें काफ़ी है
    एक ही ख़ता कर पाते है
    ©mrig_trishna_