• arzoo_machra 12w

    ✍✍... Yesterday, first time i feel that music of rain ��... Just amazing experience...

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    यह मंद मंद बारिश में पेड़-पौधों का झूमना
    वह जो एक अर्से से दूर थे एक दूसरे से ,
    बूंदों के भाव का जमी को चूमना ...

    वह मिलन,
    भरी बरखा का प्यासी जमीन से
    वह पल में बंजर का बदल जाना नमी से ...

    पर वह बूंद ,
    पत्ते से अब गिरने ही वाली है
    मिली तो थी ही नहीं, कि बिछड़ने वाली है ...

    वह इस मिलन की खुशबू वह मिलन की धुन
    सारा संसार शांत - सा लगा लगने,
    इस टप - टपाहट को तु ध्यान से तो सुन ...

    कोमल दिखने वाली बूंदों के दिल का कठोर इस तलक होना
    की जमीन के लिए आसमा छोड़ा उन्होंने
    वह बूंदों का जमीन के लिए बादलों से अलग होना ...

    और यूं ही आसमा से जमी, जमी से आसमान चलता रहा
    कहीं पानी जमा,कहीं उबलता रहा. ..

    खुद का उसको ना अर्थ कोई, ना नाम मिला
    सफर आज भी जारी है, बारिश के प्यार को न मुकम्मल अंजाम मिला..


    ©arzoo_machra