• s_se_sukriti 27w

    आस

    तू अ से अनोखा अनुप सा
    मैं स से सुंदर सी आकृति
    तू सुबह की किरन
    मैं रैन की चांदनी
    काश मिल जाएं कहीं कभी हम
    सुबह शाम के बीच "शाम " जैसे दीवानगी

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