• hemlatajain 138w

    लेख

    बिन कागज बिन कलम
    जगत का खेल
    कर्मो का लेखाजोखा लाजवाब ।
    बिन लाठी, बिन फटकार
    वक्त की मार बेहिसाब।
    सन्न से पडे, मार में आवाज नहीं।

    कर्माष्ठता की पृकाष्ठाता
    न कोई सजावट
    न शब्दों की लिखावट।
    किस्मत है कर्मों का संचय
    कर्मों की ताकत
    वास्तविक जीवन का लेख।
    कर्मो के नुसार
    पाप पुण्य का बटवारा
    शब्दों का अर्थ
    सार्थक जीवन रहे शब्दार्थ।
    ©hemlatajain