• piu_writes 22w

    ये तूफानों का दौर है आज मेरे शहर में कल तेरे शहर में शोर है सच कब का मर चुका अब झूठ का जोर है नेकी करना अब नाकामी है बदी करना रिवायत पुरज़ोर है आता नहीं कोई बनकर मसीहा अब हैवानियत राज चहूंओर है करें किससे शिकायत हम अब सबके दिल में चोर है रौशनी अब गुम हुई है अब अँधेरों का ठोर है
    ©piu_writes