• tariqu 8w

    ये रात, जैसे
    संदल की
    मीठी महक में लिपटी
    ये रात,
    चांद की चमक से रौशन,
    हर लम्हा जैसे
    ज़िन्दगी से मिलाती है,
    आहिस्ते आहिस्ते
    थपकियों से
    मीठी नींद सुलाती है

    बड़ी ही हसीं है,
    आज की ये रात,
    लगता है,आज फिर
    ख़यालों में तुम हो

    लगता है फिर
    खामोशियों ने
    तुम्हारा ज़िक्र किया है



    ©tariqu

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    ❤️ Tarani❤️