• jumana_silverpearl 148w

    किस तरह मुस्कुरा दूँ मैं आज इन महफ़िलों में ,
    कि डर सा लगता है मुझे कल की तन्हाईयों से ।
    ये लोग जो आज बेहद क़रीब है मेरे दिल के,
    घिर न जाऊँ कहीं कल इनकी फ़िराकियों से ।
    माना कि किसी के चले जाने से नही रूकती है साँसे ,
    मगर जीत पाया है कभी कोई दिल की नादानियों से ।

    ©jumana_silverpearl