• sh_gopal 43w

    पंच तत्व में वो जीवनरूपी हैं
    हर जीव का अस्तिव उससे हैं
    निर्मल वो बहने वाला जल हैं
    कल कों गर्भ में समाने वाला
    शिव की जटा से निकलने वाला
    समय पर सजो बून्द उसकी
    कहि अधूरी न रह जाय प्यास
    ©sh_gopal