• shiv__ 16w

    चलते हुए गिरे वो फिर माँ की बाहों में।

    चलना है उसे जमीन पर।
    गिर कर वो फिर उठ जाता।।
    आस जुड़ी है कैसी देखो।
    हर पल मन मे चढ़ा जुनून है।।

    हर नया सबेरा इक नई आश।
    लाता है मन में इक नई उत्साह।।
    आशा से ही मन में विश्वास जगा।
    फिर चलना है उसे जमीन पर।।

    नये राह पर नये लोग मिलेगे.....!!
    ©shiv__