• gunjit_jain 21w

    नववर्ष की अनहद मंगल कामना����

    Read More

    नववर्ष

    संसार विभेदन, दुख का चिंतन, यह चंचल मन, शांत रहे।
    ले आशा उज्ज्वल, साहस संबल, विपदा में विक्रांत रहे।।
    नूतन किसलय बन, जी कर जीवन, वृक्षों सा विस्तार करें।
    आनंदित रहकर ,सब जन मिलकर, दोष-मुक्त संसार करें।।

    हर दुक्ख हटाएं, मन चहकाएं, कृपा सभी पर, बरसाएं।
    विश्वास बढ़ाएं, मार्ग दिखाएं, प्रभु जीवन में, सुख लाएं।।
    विस्तृत हो आशा, दूर निराशा, चहुँ दिशि अब उत्कर्ष रहे।
    है आस हृदय की, नित्य प्रणय की, मंगलमय नववर्ष रहे।।

    ©गुंजित जैन