• yusuf_meester 19w

    दिल , जिगर , इश्क़ , उलफत , जाम , ज़हर सब उड़ेल भी दूँ अपनी लफ़्ज़ों पे गर

    फिर भी मक्खियाँ ही भनभनाएँगी इनपे, चुसकियाँ लेने वाले तो नामुराद हो गए

    ©yusuf_meester