• suryamprachands 8w

    सैरंध्रीक्रोध

    रे दुर्योधन अब दिन गिन तू!!!!!!

    हो जाएगा सर्वस्व नाश
    रचवाउँगी भीषण विनाश

    जो देख रहे हैं तेरा कृत्य
    उनपर मृत्यु कर रही नृत्य

    जो मौन दिखा उपहासों में
    होगा मृत्यु इतिहासों में

    रे नीच दुशासन सुन ले तू
    मृत्यु का दिन अब चुन ले तू

    धरकर अपना वीभत्स वेश
    धुलवाऊँगी ये सघन केश

    होगा कुरु कुल ये विपर्यस्त
    चहुँओर दिखेंगे सूर्य अस्त

    ये काल, काल हर जाएगा
    गज से गजपुर भर जाएगा

    कट-कट कर मुंड गिरेंगे जब
    राक्षस से सिंह, भिड़ेंगे जब

    एक वातचक्र सा आएगा,
    तिनके सा तू उड़ जाएगा

    मैं रक्त पियुँगी अंजलि भर
    काँपेगी मृत्यु थर थर थर

    सौ बार मरण अनुभव होंगे
    जिस ओर लखेगा, शव होंगे

    दुष्कर्म उघारे जाएंगे
    सब शीश उतारे जाएँगे,
    सब के सब मारे जाएँगे
    सब के सब मारे जाएँगे,

    ©Suryam Mishra