• guftgu 35w

    एक सवाल जेहन में रहता है ,
    क्या ये खुशबू है तेरे बदन की फूलों की तरह ,
    या यूं हाल मेरा रहता है !

    मुलायम से तेरे जो नाजुक होंठ है ,
    क्या उसपे इजहार मेरा रहता है !
    तेरी घनी जुल्फों के साय में बीते मेरी हर शाम ,
    ये मलाल मेरे दिल में रहता है !

    तु जब करवटें बदलती होगी रातों में ,
    क्या तुझे खयाल मेरी मोहब्बत का रहता है !
    तेरे जाने के बाद देखता हूं चादर की सिलवटें,
    यकीन मानो नर्म गद्दों पे एहसास तेरा रहता है !
    ©guftgu