• priman 9w

    दुविधा!

    अजीब सी दुविधा में आज फसा हूं
    लोग कहते है शायर पर अभी कहा लिखा हूं
    मजीलो के पीछे तो भगा रहा,
    मजील मिली तो ख़ामोशी में क्यों खड़ा हूं।।

    पैरो के छाले अब नही दुखते
    गैरो की बाते अब नही चुभती
    तानो की आदत इसकदर हुई
    की इन तानो की बीच मैं और खिला हूं।।
    ©priman