• soonam 18w

    जब हार जाए मन
    देखना उस सफर के आइने में
    जहां से तूने किया था शुरू
    अपने सपनों को साकार करने में..

    तय तो सब शुरू से ही था
    आएंगी कई अड़चनें, होंगी कई परेशानियां
    पर उनसे लड़ने का फैसला
    हमारे कंधों ने तो लिया था खुद..

    भले जितनी भी मुश्किलें आईं हों
    जोश तो उतनी ही लगाई होगी तूने
    कोशिश तो पूरी ही की होगी
    सहा तो उतना होगा..

    फिर ये निराशा कैसी
    फिर ये मायूस मन..क्यों..?

    जब हार जाए मन
    याद करना उन चेहरों को
    जो तेरे साथ चले थे
    भले वो तेरे साथ ना हो आज
    पर जुड़े तो तेरे साथ ही है..

    फिर करते हैं ना शुरू
    शुरू से नहीं बीच मझधार से
    पकड़ते हैं उन्हीं कोशिशों की डोर को
    एक नई उम्मीद, नई आधार से..

    ले तू एक लंबी सांस
    कर ले थोड़ा आराम
    चलना अभी बहुत दूर है
    रुकने का ना कोई निशान
    धैर्य रख..मन को बहला
    बन नाविक अपने सफ़र का
    अपने सपनों को साकार बना!!
    ©soonam


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    ना कर गलती यूं मझधार में छोड़ जाने का
    जहां से.. किनारा भी ना दिखे और सहारा भी..!!
    "TRY TRY BUT DON'T CRY"
    ©soonam