• mrguilty 181w

    बातें

    हर मंचली साँस मेरी सुनाती है, बस तेरा ही नाम
    तेरी पलको की छाँव मैं जभी समांऊ, मिले जन्नतो सा आराम
    जैसे वो लेहरे मौजिले है, जैसे उसका सागर गेहरीला है
    वैसे ही है, तेरी..मेरी..सभी बातें..
    ©mrguilty