• theshekharshukla 23w

    क्यूँ संभाले रक्खा मुझको तुमने, इस दिन के ख़ातिर,
    क्यूँ आँखों में लादे तुमने सपने, इस दिन के ख़ातिर।

    दुनिया से झगड़ा कर के बैठा हूँ कितने सालों से,
    तुम भी अब मुझसे झगड़ा करती हो, इस दिन के ख़ातिर।
    ©theshekharshukla