• naveensanadhya99 11w

    जय हिन्दी

    मैं जय हिन्दी के, जय हिन्दी के उद्घोष लगाता हूं....
    मैं इस हिन्द, उस भारत मां का लाल कहलाता हूं....
    मैं उद्बोधन, उस संबोधन अपने को प्रकाश में लाता हूं....
    और जय हिन्द, जय भारत का मै नारा लगाता हूं....

    मैं केसरी, भगवा ध्वज को देख कर यूं इतराता हूं....
    मैं हिन्द का, है हिन्द मेरा, गर्व से कह पाता हूं,
    क्योंकि मेरे मुख पर हिन्दी भाषा का साथ जो पाता हूं....
    मैं मातृभाषा, इस राष्ट्रभाषा में देश समेट पाता हूं,
    क्योंकि हिन्दी के इस माधुर्य को हर देशवासी के,
    हर भारतवासी के, मुख पर पाता हूं....

    मैं हिन्दी को, महसूस करके मंद मंद मुस्काता हूं....
    क्योंकि हिन्दी हैं हम, हिन्दू हैं हम,
    यही विचार फिर मन में लाकर, संतुष्टि पाता हूं....
    और हिन्द, इस राष्ट्र को नतमस्तक हो जाता हूं....

    मैं जय हिन्दी के, जय हिन्दी के उद्घोष लगाता हूं।
    मैं इस हिन्द, उस भारत मां का लाल कहलाता हूं।।

    जय हिन्द, जय भारत
    मेरे द्वारा मेरी हिन्दी, मेरे हिन्द को समर्पित एक छोटी सी प्रस्तुति....

    - नवीन कुमार सनाढ्य
    ©naveensanadhya99