• udiisingh_ur_day 17w

    तू अगर कह दे कि ये दिन को रात कर दो
    तू जो अगर कह दे कि ये पतझड़ को बसन्त कर दो
    तू जो कह दे कि ये सर्द को गर्म अंगार कर दो

    तेरी आँखों को चूमकर में यूं दिन में रात कर दूंगा
    तेरे आबरू में मिलकर पतझड़ को बसन्त कर दूंगा
    तुझसे ही मैं लिपट इस कदर की आग आग कर दूंगा
    ©udiisingh_ur_day