• gannudairy_ 10w

    #rachanaprati168
    @mamtapoet जी विषय बहुत खूबसूरत है...

    इस विषय के साथ इस कविता के माध्यम से मैं आपको दुनिया की सच्चाई बताना चाहता हूँ... दुनिया का साथ सिर्फ श्मशान तक है... किसी को अगर फर्क पड़ता है तो वो हैं हमारे प्रियजन बस... यही दुनिया का असली दर्द है कि सब मतलबी हैं सबको सिर्फ मतलब से मतलब है वो समय नहीं रहा जब सब दर्द में साथी हुआ करते थे....
    आशा है आपको ये मेरे सपने का दर्द पसन्द आयेगा.. ����♥️

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    आ रही थी लंबी साँसें रुक रही थी धड़कने मेरा जिस्म दर्द की हद उतार गया,
    हुआ सपने में ऐसा कि रब्बा तू कर कमाल गया..
    वो जो बुलाए नहीं आए हर कोई मुझे देखने आया था,
    कोई खोले मुँह कोई गंगाजल पिला रहा था,
    आ रही थी गाड़ियों की आवाज और कोई खरीद के लकड़ी ला रहा था,
    था बहुत गहरी नींद में मैं भाई मुझे पकड़ पकड़ जगा रहा था,
    फिर लगी जगाने बहन बोली भाई अभी और सोएगा,
    माँ ने कहा फूंक मत्त देना मेरे लाल को बहुत दर्द होएगा,
    नहीं थे याद वो नाम पुराने सब ले दिए,
    किया गजब ओढ़ा के कफन मार के फूल उठा पांच फुट सारे गाँव के झूले दे दिए,
    जिसके नाम करी मोहब्बत उसका ताज लुट रहा था,
    शायद पगली बहुत रोई थी आंखों में लाल सूरज उग रहा था,
    फिर शरीर ने पकड़ी गर्मी कहाँ निकलने का सोझ था,
    टपक रहा था घी में कुछ लकड़ियों का बोझ था,
    था कुछ घण्टे का खेल सारा करके रस्म मुहँ मोड़ गए,
    जोड़ के हाथ मांग के दुआ तपती राख में तड़पता छोड़ गए,
    तू भी उपर बैठा मुस्करा रहा रब्बा माना तेरी दुनिया में तेरा लिखा होएगा,
    कभी आ के देख कलयुग में तू भी रोएगा..!!!

    ©gannudairy_