• kavirahulseth 120w

    शास्त्री जी

    इस माटी का लाल वो
    सच में बडा बहादुर था
    देश का गौरव बढाने
    हर समय वो आतुर था
    सत्ता सम्मान सिहासन
    लालायित थे पाने को जिसे
    न जाने किस के चक्कर में
    भुल गया निर्दयी जमाना उसे
    नैतिकता,देशभक्ति,समर्पण,सदभाव
    सारे सद्गुण रखता था
    वह देश को संकटो से
    ऊबारने की हिम्मत रखता था
    भूखमरी से निपटने
    भूखा रहना मंजूर था
    मगर अमेरिका के सामने
    हाथ फैलाना गुनाह था
    1964 में घुटनो पर
    बैठा दिया पाकिस्तान को
    मगर ताशकंद के समझोते ने
    हमसे छिन लिया बहादुर को।
    हमसे छिन लिया बहादुर को।

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