• rani_shri 53w



    अच्छी - बुरी जैसी भी लगी,ये लत तेरे नाम करती हूँ,
    कि इब संभाल ले तू ही ये किस्मत तेरे नाम करती हूँ।

    कि ख़ुदा करे एक-एक सही गलत तेरे नाम करती हूँ,
    आदत लगी तेरी के,अब वो आदत तेरे नाम करती हूँ।

    इब तो चाहे साथ आए हर आफ़त तेरे नाम करती हूँ,
    कल आज और कल की मोहब्बत तेरे नाम करती हूँ।

    गफ़लत हो कर भी अपने गफ़लत तेरे नाम करती हूँ,
    मिलें ना मिलें लेकिन मेरे सारे मत तेरे नाम करती हूँ।

    तेरी ज़मीं पर मेरे आसमां की छत तेरे नाम करती हूँ,
    बेनाम पते पर तेरे नाम का ये ख़त तेरे नाम करती हूँ।
    ©rani_shri