• heena_bansod 88w

    #ख़ामोशी

    हाल-ए-दिल दिखाना क्या,
    वही रोना-धोना अब दोहराना क्या,

    कुछ करार रहतें हैं जुदाई में,
    ग़म कि बातें अब सुनाना क्या,

    अग़र ख़ामोशी से भी हो सकती है मोहब्बत,
    तो बेवजह लबों को हिलाना क्या..!


    ©heena_bansod