• psprem 21w

    अंधेरों की वफ़ा को भुला ना सकूंगा।
    उजालों ने उलझन बढ़ाई बहुत हैं।
    समझ ना पाए खेल जिन्दगी का,,,
    भावनाएं अपनी दबाई बहुत हैं।
    ©psprem