• theshekharshukla 23w

    कितना तुमको चाहा हमने,
    दिल ख़ुद का ही तोड़ा हमने।

    रातें ग़म से तर कर ली है,
    दूर जा कर बस रोया हमने।

    हर वो दिन अच्छा रहता है,
    जिस दिन उसको देखा हमने।

    बातें, यादें, लम्हें, मौसम,
    क्या कुछ सँजो रक्खा हमने।

    होंठो का छूना होंठो से,
    बाँहों में फिर थामा हमने।

    उसके जैसा वो ही था बस,
    दूजा ना फिर देखा हमने।
    ©theshekharshukla