• bal_ram_pandey 25w

    ख़्वाबों के खिलौनों से दिल बहलता नहीं
    उग आया है चांद मगर दिन ढलता नहीं

    अंदाज़ ए तगाफुल समझ रहे हैं हम भी
    लोग समझाते हैं बहुत दिल समझता नहीं

    दिल के तलातुम में सबक याद किए कई
    अब अहद ए गुल में दिल मचलता नहीं

    शहर की रानाइयों में गुम कांच के इंसान
    आईना ए दिल में ईमान ‌ झलकता नहीं

    सांसों की शाखों से से उड़ गई तितलियां
    आलम ए चमन एक सा हरदम रहता नहीं

    *तगाफुल -गफलत ,ध्यान ना देना
    *तलातुम--बेचैनी ,परेशानी, हंगामा
    *अहद ए गुल -वसंत ऋतु
    *रानाइयां-----सुंदरता

    ©bal_ram_pandey