• hellscr3am 23w

    न जाने कितनी कुरबानियां खामोशी मे दे दी उसने,
    के खुदकी खुशी तो मानो वो भूल सा ही गया,
    लोगों की चांद तारों की उम्मीदें हर दिन पूरी कर,
    वो धीरे धीरे थक, जीना भी भूल सा ही गया।