• cosines 91w

    के हर्फ़ दर हर्फ़, मिरे लफ्ज़ मुझसे कुछ सवाल करते हैं
    वो जो तिरे शहर की, गुमनाम गलियों की, अनसुनी सदाओं में, सहर सी ख़ुशबू है ,
    तुम थे वहां, या बर्क़ पर सुलगता कोई आतिश है
    वो नज़ारे, कुछ यूं दफ़्न हैं मुझमें, गोया तिरा इश्क़ है , या माचिस है।।

    _Vandita