• suryamprachands 12w

    अत्यंत प्रिय अल्का त्रिपाठी (@alkatripathi) दीदी को जन्मदिवस की अनहद मंगलकामनाएँ,महादेव मंगल करें, प्रभु चिरंजीवी दीर्घायु करेंl
    आप समस्त पाठकों (कवियों) से निवेदन है कि प्रथम तो मेरी इस कविता को साधारण तरीके से पढ़िएगा उसके बाद एक बार इसे शंकर महादेवन जी के द्वारा गाए गए श्वांसहीन गीत (breathless song) की तरह गाइयेगा और अल्का दीदी को शुभकामनाएँ दीजिएगाl

    अलका-कुबेर का साम्राज्य, शिशिर-बसंत, शरासन-धनुष, अर्चि-किरण, निर्झर-झरना/प्रपात, प्रियस्वादु-मिठाई, परागकण-केसर, अमिय-अमृत, भ्रममूलक-गलत,

    Read More

    शुभकामना

    प्रात वात की जैसे परछाई हो
    वो अल्का जैसे अलका से आई हो
    जैसे कहीं दूर बाँसुरी बाजे
    जैसे उदयाचल पे रवि साजे
    जैसे कि नभ में हो छटा बिखेरी
    चांदी में लिपटी हो रात घनेरी
    जैसे कहीं सर में हो नीरज जागा
    जैसे ऋतुओं ने हो शिशिर को माँगा
    वृष्टि बाद जैसे इंद्र शरासन
    जैसे हो वो अर्चि का निर्झर आसन
    नभचर स्वर से है गुंजित उपवन
    जैसे प्रियस्वादु पे हो परागकण
    ऐसी ही जो मेरी प्रिय बहना है
    जिसकी कर-छाया में मुझे रहना है
    लिखें खूब और खूब जिएँ वो
    सदा स्वस्थ हों, अमिय पिएँ वो
    दिनकर पथ आलोकित कर दें
    महादेव सब मंगल कर दें
    भ्रातृ ये बस कामना करे ये
    भ्रममूलक काम ना करें ये
    कष्ट मुक्त हो जीवन उनका
    हर्ष युक्त हो जीवन उनका
    प्रति दिन सफल हो उनकी जय हो
    जन्मदिवस अति मंगलमय हो

    ©Suryam Prachands