• barish 110w

    ये चार दिन की ज़िन्दगी कैसे जिया करते हो
    गरीबी के हर घुँट को कैसे पिया करते हो....

    वक्त काट कर कैसे दिया करते हो
    फटे हुए जज़्बात कैसे सिया करते हो

    नही-नही में काम पुरा किया करते हो
    ढ़ल चुकी है जो मुस्कान उसे जवाँ कैसे मियाँ करते हो

    ये चार दिन की ज़िन्दगी कैसे जिया करते हो..?


    ©barish(अंकिता सिंह)