• vinaypandey84 8w

    मैने जो पढ़ा देखा सुना वही माना है,
    जिसने जो दिखाया वो मैने कभी ना माना है,
    अपने विचारों को ही मैंने सही माना है।।
    मै नही केहता के मै सही हु, हा मगर मै ये भी नहीं केहता के मै गलत हू,
    मेरी सिख से मैंने जो सीखा है वही मेरे लिए सही है।
    तुमने जो सुना वो तुमने माना है।।
    ये देन है उनकी जो हम खुली सास लेस रहे है वरना इन सासो पर भी कर होता,
    हुऐ जो कुर्बान हम सबकी आजादी के खातिर।।
    आज तुम केहते हो के जो किया सब गलत किया
    ऐसी तौहमत जो तुमने लगाई है, ये सुन कर
    जो कुर्बान हुऐ है उनकी भी आंख भर आई है।।
    मै केहता हु ना तुम थे ना हम थे सब सुनी सुनाई है,
    ये जान कर के तुमने तोहमत लगाई है
    जब समझोगे के ये तो शडीयंत्र था,किसी
    का बनाया ये खेल था,तब बरदाश कैसे कर पाओगे।।
    देखना चाहोगे मगर सबसे तुम आंख ना
    मिला पाओगे सासे चलेंगी मगर जिंदा होते हुए
    भी बे मौत तुम मर जाओगे... ✍️ विनय पांडे
    ©vinaypandey84