• pris_musings 10w

    दिल ए नादान

    दिल तू इतना अच्छा क्यों है,
    तू इतनी जल्दी विश्वास क्यों करता है
    भरोसा करना तेरी फितरत है क्या,
    किस लिए तू टूटता और बिखरता है।

    तू खुद की वफाओं का मोल पहचान,
    अपनी शख्सियत को खोने ना दे,
    अपने होने का एहसास छिनने ना दे,
    ऐ दिल-ए-नादान , तू संभल जा…
    ©pris_musings