• unrhymd_poetry 19w

    बेजुबान - mute, dumb
    (फक़त - केवल, सिर्फ़, only ; ढिंढोरा- घोषणा, proclamation)
    (वादे पे मुकम्मल - to stand on promises ; जहान - world )
    (रुसवाइयों - disgrace, dishonour ; रज़ा- consent, approval)
    (वरक़ - पन्ना, page)
    (तवक़्को़ - hope ; ए'तिमाद -trust)
    (वस्ल -मिलन, meeting ; हिज्र - जुदाई, separation)
    आब-ए-रवाँ - running water ; आबशार - waterfall,downfall
    हरीफ़ - प्रतिद्वंद्वी, opponent; नर्गिस -beloved eye, attractive eye ; ज़िंदान - prison, jail
    (नील - गंज, treasure)
    (असरार - secrets ; दस्तार - पगड़ी, turban ; इज़्तिराब - restlessness )

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    बेजुबान इश्क़

    मेरे इश्क़ को बेजुबान ही रहने दो
    तुम अपनी प्यास को प्यास ही रहने दो
    फ़क़त इंसानियत का ढिंढोरा पीटते हो
    तुम अपनी बेवफाइयों पर पर्दा ही रहने दो

    निगाहें फिर तिरछी ना करना यहाँ
    वादे पे मुकम्मल ना होता जहान
    आगोश में अब ना भरना मुझे,
    रुसवाइयों की रज़ा ना मिलती यहाँ

    जमीरों पे खींची जो लकीरें तूने
    वरक़ मेरे दिल का खरोंचा जिसने
    तवक़्को़ पर जरा भी ए'तिमाद ना रहा
    यूं वस्ल की आस में हिज्र का सफ़र कराया तूने

    आब-ए-रवाँ की आबशार हो चली है
    हरीफ़ के नर्गिस में ज़िंदान हो गए है
    उम्मीदी और नील की आस बड़ी है
    असरार की दस्तार में इज़्तिराब बहौत है
    ख्वाबों को तुम अब समेटे ही रहने दो
    मेरे इश्क़ को अब तुम बेजुबान ही रहने दो।
    ©unrhymd_poetry