• sh_gopal 35w

    नारी

    ममता से भरा वो आँचल छोड़ आयी
    पिता का ठेर सारा प्यार छोड़ आयी
    खातिर जिसके फेरे सात लिए
    वादे जिसने किये साथ निभाने का
    एक दिन गुस्से में उसने हाथ उठाया
    अश्रु से भीग गयी, जो अपना घर छोड़ आयी
    महकते उपवन छूट गया जिसकी वो परी थी
    पंख काट दिए आज , उसने जो कहता खुद को मर्द
    ये जिंदगी कट जाए बस इसी आस में जी रही
    वो उनका भी ख्याल रखती जो उठाते हाथ उनपे
    पता है वो एक माँ है जिसने अनन्त वेदना स्वीकार की
    ©sh_gopal