• trippingonecstasy 62w

    हम मन से करते थे प्यार वो तन से कर बैठे
    जिस्मानी रिश्ते को हम सुहाना कल समझ बैठे
    शब्दों से चीर देते थे वो नाजुक सा दिल मेरा
    हम बेबाक कुछ दूर आंसू भी बहा ना सके!
    ©trippingonecstasy