• dipsisri 5w

    दो व्यक्तियों में एक जब भी रूठता है तो दूसरा मनाने आता है।हमारे बीच रूठने वाले तो हम ही हैं और सॉरी बोलने में तो आप वैसे ही माहिर हैं अपनी पपी आइज दिखा कर हमें मना लेते हैं।अब आज आप रूठ गए हैं और भई आपको कैसे मनाएं ये हमें सूझ नहीं रहा है।

    //प्यार तुम्हें कितना करते हैं
    तुम ये समझ नहीं पाओगे
    जब हम ना होंगे तो पिहरवा
    बोलो क्या तब आओगे
    मोरा सैयां...//

    ये गाना गा कर सुना दें तो शायद आप पिघल जाओगे वैसे आपको मनाना आसान है बस हम इतनी आसानी से मनाना नहीं चाहते हैं अब आप ही बताइए आपके लिए गाना गाया जाए या कोई कविता लिख दें।चलो दोनों ही कर देते हैं अब तुम हो भी इतने प्यारे तो इतना प्यार तो बनता है ना?❤ वैसे इतना पढ़ कर ही तुम पिघल गए होगा हमें यकीन है!

    *
    काहे ऐसे रूठे पिया,
    अब तो मोसे बोलो ना!
    तुम जो रूठे हो जग रूठ - सा गया है,
    अब मेरी प्रेम की छांव में आजाओ ना?
    प्रेम पत्र लिख दूं या कोई प्रेम गीत सुना दूं,
    तुम जो बोलो पिया मैं फूलों की बारिश करा दूं।
    सुबह की चाय भी फीकी लग रही है,
    मेरे कप से एक चुस्की तुम भी लगा लो ना!
    लिख दूंगी अनगिनत कविताएं,
    एक बार तुम जो खिलखिला दो पिया!
    अब तो मान जाओ?
    ऐसे यूं हमें बिन बोले सताओ न पिया!

    *
    क्यूं जनाब पिघल गए ना?��❤

    (पूर्णतः काल्पनिक है ये रचना इसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। किसी को मनाना है तो सुना देने कविता या कोई गीत पक्का मान जाएंगे)����

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    सुनो पिया?