• yashashvigupta_07 80w

    कितना मुश्किल है ना चाँद का भी चाँद हो जाना
    छिटका के अपनी चाँदनी दूसरों पे
    खुद तन्हा रह जाना।
    अपने मन के जज़्बातों को छुपाकर
    हर रात प्रकाश बिखेर जाना
    अपनी खूबसूरती की तारीफ़ सुनकर भी
    सिर्फ मूक भाव को दर्शाना
    और मंद-मंद मुस्कुराना
    तारों संग रहकर भी अकेला
    कभी ना बहक कर पथ से
    खुद को एक सादगी की मिसाल बना जाना।
    देना शीतलता सभी को हर रोज
    पर
    उसका ज़िमेदार भी रातों को बता